भारत में Yamaha Electric Two-wheeler (e2W) क्रांति: High-Performance बाइक्स और XFC तकनीक का बढ़ता दौर

भारतीय टू-व्हीलर इंडस्ट्री में हाल के वर्षों में एक मौलिक transformation आया है, जिसमें Electric Vehicles (EVs) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सेगमेंट जो पहले सब्सिडी द्वारा संचालित होता था, अब growing consumer demand, बेहतर product quality और OEMs की बढ़ती भागीदारी की वजह से विकसित हो रहा है। यद्यपि सरकारी प्रोत्साहन अभी भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उद्योग अब केवल उन पर निर्भर नहीं है।

1. बाजार की गतिशीलता: प्रीमियम सेगमेंट की ओर रुझान (Premiumisation)

आज के उपभोक्ता EVs का मूल्यांकन केवल कीमत के आधार पर नहीं कर रहे हैं, बल्कि performance, range, design और after-sales support जैसे कारकों पर भी ध्यान दे रहे हैं। बाजार में यह बदलाव स्पष्ट है: वित्तीय वर्ष 2025 (FY25) के अंत तक, executive (>Rs 1 लाख से <=Rs 1.4 लाख) और premium (>Rs 1.4 लाख) सेगमेंट ने मिलकर कुल बिक्री का लगभग 88% हिस्सा बनाया। यह रुझान premiumisation को दर्शाता है।

Yamaha Electric Bike
Yamaha Electric Bike

Executive segment (लगभग 65% बिक्री) की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही है, जो ग्राहकों की value और फीचर-समृद्ध विकल्पों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

प्रमुख सेगमेंट में OEMs का योगदान:

  • Executive Segment: TVS और Bajaj की अधिकांश बिक्री (bulk of their sales, 85-89%) इसी सेगमेंट में हुई है, जो balanced value-oriented positioning को दर्शाती है।
  • Premium Segment: इस सेगमेंट में Ather का स्पष्ट प्रभुत्व है, जिसकी कुल बिक्री का लगभग 81% हिस्सा premium models से आता है।
  • Economy Segment (<=Rs 1 लाख): इस पर Ola और Ampere का प्रभुत्व है, जो mass-market focus रखते हैं।

क्षेत्रीय स्तर पर, दक्षिणी और पश्चिमी क्लस्टर (South and West clusters) premium segment को अपनाने में आगे हैं, जबकि उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र (North and East) economy segment को अधिक पसंद करते हैं।

2. वृद्धि के मुख्य कारक और आर्थिक लाभ

e2W को अपनाने को प्रेरित करने वाले कई प्रमुख कारक हैं:

  • TCO (Total Cost of Ownership) में कमी: सब्सिडी के साथ, FY25 में औसत उपयोगकर्ता (8000 किमी वार्षिक रनिंग) के लिए e2W का ownership cost, ICE (Internal Combustion Engine) के समकक्ष वाहन की तुलना में 52% कम था। अनुमान है कि 2030 तक बैटरी की लागत कम होने और दक्षता में सुधार के कारण सब्सिडी के बिना भी e2W का TCO लगभग 50% कम रहेगा।
  • प्रदूषण नियंत्रण और सरकारी प्रोत्साहन: भारत में rising air pollution (सड़क परिवहन शहरी वायु प्रदूषण में 20-30% योगदान देता है) के कारण EVs को क्लीनर विकल्प के रूप में पसंद किया जा रहा है। भारत की Net-zero by 2070 और EV30@30 target (2030 तक 30% EV penetration का लक्ष्य) जैसी जलवायु प्रतिबद्धताओं के कारण सरकार e2W सेगमेंट के विद्युतीकरण को प्राथमिकता दे रही है।
  • बाजार में प्रतियोगिता और विविधीकरण: Ola Electric, TVS, और Bajaj जैसे नए और स्थापित खिलाड़ियों की समय पर एंट्री ने e2W सेगमेंट की वृद्धि को बनाए रखने में मदद की है। इन कंपनियों ने व्यापक पेशकशों और मजबूत ब्रांड विश्वास के साथ बाजार में disruptions का सामना किया।

3. High-Performance Electric Motorcycles

बाज़ार में अब ऐसी बाइक्स मौजूद हैं जो performance के मामले में किसी से कम नहीं हैं:

  • Ultraviolette F77 SuperStreet: इसे ‘complete knockout’ मशीन बताया गया है। इसकी Top Speed 155 kmph है और यह 2.8 सेकंड में 0–60 kmph की गति पकड़ सकती है। इसमें 10.3 kWh की बैटरी और 30 kW (40.2 hp) का मोटर है, जिसके साथ Violette AI तकनीक भी मिलती है जो 3000 से अधिक data points प्रति सेकंड प्रोसेस करती है।
  • Ola Roadster Pro: यह भी दमदार performance के लिए जाना जाता है, जिसमें 579 km की claimed range और 52 kW की peak power के साथ 16 kWh की बड़ी बैटरी है।
  • Orxa Mantis: 27.8 bhp पावर और 221 km range के साथ यह बाइक urban aggression के लिए बनाई गई है।
  • Yamaha AEROX E & EC-06: Yamaha Motor ने भी AEROX E (performance-oriented EV) और EC-06 (smart mobility और रोज़मर्रा के उपयोग के लिए) लॉन्च करके EV segment में प्रवेश किया है। AEROX E में 9.4 kW की peak power और 106 किलोमीटर की certified range है, साथ ही इसमें Boost फ़ंक्शन और Y-connect mobile app connectivity जैसे फीचर्स हैं।

4. चार्जिंग तकनीक में नई पहल: Extreme Fast Charging (XFC)

Electric Vehicles (EVs) को बड़े पैमाने पर अपनाने में 30 मिनट से अधिक का लंबा चार्जिंग समय एक बड़ी बाधा रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊर्जा विभाग (US DOE) ने Extreme Fast Charging (XFC) के लिए 80% SOC (State of Charge) तक 15 मिनट से कम के चार्जिंग समय का लक्ष्य रखा है।

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, commercial Li-ion batteries (LIBs) में Active Thermal Switching (ATS) को Thermal Modulated Charging Protocol (TMCP) के साथ मिलाकर उपयोग करने का प्रस्ताव दिया गया है। यह तरीका बैटरी की स्वयं-जनित गर्मी (self-generated heat) को नियंत्रित करता है।

  • XFC के दौरान: स्विच ‘OFF’ रखा जाता है, जिससे गर्मी बरकरार रहती है और सेल की kinetics बढ़ती है। यह उच्च तापमान lithium plating (एक गंभीर क्षरण तंत्र) को रोकने में मदद करता है।
  • चार्जिंग के बाद/डिस्चार्ज के दौरान: स्विच ‘ON’ हो जाता है, जिससे गर्मी नष्ट हो जाती है और उच्च तापमान पर होने वाली हानिकारक side reactions कम हो जाती हैं।

यह nonintrusive तकनीक, जो shape memory alloy (SMA) का उपयोग करके बनाई गई है, मौजूदा बैटरी थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम (BTMS) में आसानी से एकीकृत की जा सकती है। यह दृष्टिकोण XFC cycle life को 500 cycles के DOE target से अधिक हासिल करने में सफल रहा है (लगभग 773 cycles पर)।

5. निष्कर्ष

e2W खुदरा बिक्री में वित्तीय वर्ष 2019 से 2025 तक 86% की CAGR (Compound Annual Growth Rate) की तेज वृद्धि देखी गई है। बाजार अब Executive और Premium सेगमेंट की ओर बढ़ रहा है, जो बढ़ती ग्राहक जागरूकता और high-end features की मांग को दर्शाता है। मजबूत उत्पाद पोर्टफोलियो, विस्तारित चार्जिंग infrastructure, और बेहतर TCO के साथ, e2W penetration वित्तीय वर्ष 2030 तक 22–25% तक पहुंचने का अनुमान है।Yamaha भारत में एक बड़ी Electric Revolution की तैयारी कर रही है। कंपनी सिर्फ साधारण स्कूटर नहीं, बल्कि High-Performance Electric Bikes और क्रांतिकारी XFC (Extreme Fast Charging) तकनीक लाने का प्लान बना रही है। आइये जानते हैं Yamaha के इस मास्टरप्लान के बारे में।

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